मानव स्वभाव और उनके व्यवहार The Laws of Human Nature

मानव स्वभाव और उनके व्यवहार ,part-2 अमेरिकन लेखक रॉबर्ट ग्रीन लोभ का नियम अदूरदर्शिता का नियम बचाव का नियम दमन का कानून दूसरों को संभालने के बजाय खुद
मानव स्वभाव और उनके व्यवहार The Laws of Human Nature in Hindi के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है । इस लेख में आप मानव स्वभाव और उनके व्यवहार The Laws of Human Nature को अच्छी तरह समझ सकते हैं।

मानव स्वभाव और उनके व्यवहार :बॉडी लैंग्वेज part-2


हम अक्सर या दूसरों पर दोष देते हैं कि मेरे मित्र परिवार साथी कलीग्स मुझे नहीं समझते । और ऐसी में आपके मन में जन्म लेता है मनमुटाव, अलगाव । 
  • इंसान की इन समस्याओं का एक बड़ा कारण यह है कि लोग ना तो खुद को अच्छे से समझते हैं और ना ही दूसरों को। 
  • अमेरिकन लेखक रॉबर्ट ग्रीन बताते हैं मानव स्वभाव और उनके व्यवहार के कुछ महत्वपूर्ण नियम जो जीवन में उतारना चाहिए। 
  • वो लोग जो ट्रेंड या समूह राय का रूझान से आकर्षित होते हैं।
  • जिस वजह से इस तरह के लोगों के साथ आपका समय खराब होने लगता है।
  • आपको ऐसे लोगों की बजाय उन लोगों के साथ रहना चाहिए जिनके दीर्घकालिक लक्ष्य हैं

मानव स्वभाव और उनके व्यवहार The Laws of Human Nature

 मानव स्वभाव और उनके व्यवहार The Laws of Human Nature

The Law of Covetousness लोभ का नियम:- मानव स्वभाव और उनके व्यवहार

हमारे अंदर उन चीजों को पाने की चाहत है जो हमारे पास नहीं है। लेकिन जैसे ही हमें वह चीज मिल जाती है जो चाहिए थी। तब हमारा दिमाग किसी नई चीज के तरफ धकेलने लगता है। हम लगातार ये देखते हैं कि दूसरों के पास ऐसा क्या क्या है हमारे पास नहीं है। फिर हमारा रिश्ता अच्छा भी चल रहा हो लेकिन फिर भी हम दूसरों लोगों को अपनी पार्टनर से बेहतर समझने लगते हैं और कभी भी खुद में शांति नहीं ढूंढ पाते। Read more:

The Low of short signtedness अदूरदर्शिता का नियम:-  मानव स्वभाव और उनके व्यवहार

हम में से बहुत से लोगों को जानते हैं जिनके लिए लंबी अवधि की योजना बनाना बहुत ही मुश्किल होता है। वो लोग जो ट्रेंड या समूह राय का रूझान से आकर्षित होते हैं। जिस वजह से इस तरह के लोगों के साथ आपका समय खराब होने लगता है। आपको ऐसे लोगों की बजाय उन लोगों के साथ रहना चाहिए जिनके दीर्घकालिक लक्ष्य हैं और जो लोग वर्तलमान में रहकर इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए काम भी करते हैं। यह तरीका आपको सुबह 4 बजे उठा के ही छोड़ेगा

The Law of defensiveness बचाव का नियम:- 

जब आप खुद को या खुद की राय को बदलने की कोशिश करते हैं तब यह चीज लोगों को बिल्कुल भी पसंद नहीं आती। हर इंसान यह महसूस करना चाहता है कि वह निर्भर है । जिस वजह से आपको ऐसा लगता है कि कोई अपना राय या विश्वास हमारे आगे रखकर हमें बदलना चाहता है। तब हम अपने बचाव बहुत गुस्सा हो जाते हैं कि आप मुझे या मेरे फैसले/तर्क को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। यही कारण है अगर आपको किसी भी इंसान को अपने मन मुताबिक बदलना चाहते हो तो उन्हें ऐसा बोध करवाते हो कि अपने ही विश्वास के लिए बदलाव करवा रहे हैं। कभी भी ऐसे विश्वास के लिए कोशिश मत करो। बल्कि उन्हें यह महसूस करवाएं कि आपकी बात मानने से वह एक नेक और परोपकारी इंसान बनेंगे। जितना खुद की जिद्दी स्वभाव से खुद को आजाद करेंगे उतना ही आपके अंदर किसी को भी कन्वेंस करने की पावर भी बढ़ती जाएगी। Read more:

The Law of repression दमन का कानून:-

 ऐसे बहुत कम लोग होते हैं जो सबके आगे अपने ऑथेंटिक साइड को रख पाते हैं क्योंकि हर इंसान के अंदर एक डार्क साइड होती है। इसे मनोविज्ञान में छाया (shadow) कहते हैं। हमारी शैडो में हमारी असुरक्षा, गुस्सा, स्वार्थ, इच्छा और उदासी छुपी होती है। लेकिन जब एक इंसान अपने व्यक्तित्व के लिए इन बातों/रासायनिक तत्वों को दबाता है तब उनकी शैडो और मजबूत बनती जाती है और उन्हें ही नियंत्रित करने लगती है। इसलिए रॉबर्ट ग्रीन यहां बोलते हैं कि इससे पहले कि आपकी शैडो आपको बहुत ज्यादा ज़हरीला बना दे और आप उसे और ज्यादा आकार दें। इससे पहले अपनी हर नकारात्मक चीज के बारे में सचेत रुप से जागरूक बने रहें। इससे आप अपने पूरे व्यक्तित्व को तेजी से काम करने के क्षेत्र में रख पाएंगे और अपनी डार्कसाइड को रचनात्मकता के पक्ष पर रख पाऐंगे।

Deal with your own shadow to handle others' दूसरों को संभालने के बजाय खुद की परछाई से निपटें:- 

संघ मनोविज्ञान में एक अवधारणा होता है जिसे बोलते हैं शैडो यानी हर वो ख्याल, विश्वास, गुण जिसे हम बुरा मानते हैं और उसे हमारा अहंकार खारिज कर देती है। तब हम उन नाकारे हिस्से को दूसरों लोगों पर परियोजित करने लगते हैं। इसीलिए मनोवैज्ञानिक कार्ल युंग कहते हैं अगर कोई इंसान आप पर अपना गुस्सा निकालता है, आप को बुरा भला बोलता है और आपको निराश करता है, तो ऐसे इंसान से डील करने का अच्छा तरीका होता है पहले खुद के अंदर मौजूद आपत्तिजनक चिड़चिड़ा, निरशता वाले गुण का सामना करना और उन्हें स्वीकार करना । जिस तरह से पुलिस को चोर पकड़ने के लिए चोर की तरह ही सोचना पड़ता है वैसे ही बुरे लोगों से डील कर सकते हैं अपने अंदर की बुराई से सामना करके।

The importance of telling your story अपनी कहानी कहने का महत्व :- 

मनोवैज्ञानिक युंग कहते हैं कि दुनिया में इतनी समस्याएं और इतनी बुराई इसलिए है क्योंकि लोग अपनी कहानी नहीं सुन पा रहे हैं।
 एक इंसान अकेला इसलिए नहीं महसूस करता कि उनके आसपास लोग नहीं हैं। बल्कि इसलिए कि वह उन बातों को नहीं बोल पता जो उसे जरूरी लगती है या फिर जिन बातों को बोलना चाहता है। वह सोचते हैं कि उन्हें दूसरे लोग बुरा मानते हैं। अपने सच को दबाकर जीना बिल्कुल ऐसा हुआ जैसे आप अपने हाथ या पैर काट कर जीने लगे हैं। अगर आपको अपनी कहानी नहीं पता अपने बचपन की स्मृतियां ठीक से याद नहीं, आप शांत और हंसने खेलने और सामाजिक जीवन मैं अपना स्थान बनाने जैसे आप अपने विदुषक से बहुत दूर हो चुके हो और आप बहुत सतह पर जीवन जीते है सीमित तरीके से तो वह गाना जो आप गाने के लिए दुनिया में आए थे। वो कभी भी किसी के कान तक पहुंचेगी ही नहीं यहां तक की आपके खुद के भी नहीं। Learn more

इसलिए अपनी बाधाओं को पार करते हुए अपनी कहानी कहने की उसे बताने की हिम्मत लाएं तो आपके रास्ते खुल जाएंगे और आपकी मंजिल आपके सामने होगी।

Talking behaviour